Jharkhand Millet Mission Yojana: झारखंड सरकार ने राज्य में अनाज उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु एक नवीन पहल की शुरुआत की है, जिसे झारखंड मिलेट मिशन योजना नाम दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत, सरकार किसानों को अनाज की खेती में जुटने के लिए प्रोत्साहन देगी। इसका उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक कृषक समुदाय इस दिशा में प्रेरित हों, जिससे राज्य में अनाज उत्पादन का विस्तार हो और कृषि क्षेत्र में नवीन ऊंचाइयां प्राप्त की जा सकें।
झारखंड मिलेट मिशन योजना झारखंड मिलेट मिशन योजना 2024 के अंतर्गत, राज्य के किसानों को अनाज की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। 1 एकड़ से 5 एकड़ तक कृषि योग्य भूमि रखने वाले किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। सरकार द्वारा मिलेट मिशन योजना के तहत प्रति एकड़ भूमि पर ₹3000 की सहायता राशि दी जाएगी। यदि किसी किसान के पास अधिकतम 5 एकड़ तक कृषि योग्य भूमि है, तो उसे योजना के अंतर्गत कुल ₹15000 की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।
Jharkhand Millet Mission Yojana 2024
Schemes Name | Jharkhand Millet Mission Yojana |
Started By | Government of Jharkhand |
Department | Agriculture Department Jharkhand |
State | Jharkhand |
Starting Year | 2024 -2028 |
Benefit | 6,000 to 15,000 |
Application Process | Online |
Official Website | click Here |
झारखंड मिलेट मिशन योजना उद्देश्य
झारखंड सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए शुरू की गई मिलेट मिशन योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के लघु एवं सीमांत किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, किसान बिना किसी वित्तीय बाधा के मोटे अनाज की खेती कर सकेंगे और अपनी आय में वृद्धि कर पाएंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के किसानों को इस योजना के अंतर्गत मोटे अनाज की खेती करने पर ₹3000 से ₹15000 तक की आर्थिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
मिलेट मिशन योजना का मुख्य उद्देश्य
- पोषण में सुधार -इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य राज्य में कुपोषण की समस्या से निपटना है। मिलेट्स को सरकारी योजनाओं में शामिल कर, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में इन्हें बच्चों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
- कृषि क्षेत्र में सुधार-मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र को सशक्त करना और किसानों को नई तकनीकों और सहायता प्रदान करना इस योजना का हिस्सा है।
- किसानों की आय बढ़ाना:झारखंड मिलेट मिशन योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना है ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। सरकार मिलेट्स की खेती के लिए प्रशिक्षण और आर्थिक मदद भी प्रदान कर रही है।
Table of Contents

Jharkhand Millet Mission Yojana क्या है।
झारखंड मिलेट मिशन योजना एक सरकारी पहल है जो राज्य में मिलेट्स (मोटे अनाज) की खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। मिलेट्स को प्राचीन समय से एक पौष्टिक और पर्यावरण के अनुकूल फसल माना गया है। इस योजना का उद्देश्य न केवल किसानों की आय बढ़ाना है, बल्कि राज्य में कुपोषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से भी निपटना है।
झारखंड मिलेट मिशन योजना की आवश्यकता क्यों?
1.राज्य की कृषि चुनौतियाँ
झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है जहाँ की अधिकांश जनता कृषि पर निर्भर है। यहाँ की मिट्टी और जलवायु अन्य राज्यों की तुलना में कुछ कठिन होती है, जिससे पारंपरिक फसलों की पैदावार में चुनौतियाँ आती हैं। ऐसे में मिलेट्स जैसी फसलें जो कम पानी और खराब मिट्टी में भी उग सकती हैं, बेहद महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
2.जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा
जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि संकट बढ़ता जा रहा है। बेमौसम बारिश, सूखा, और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से पारंपरिक फसलें प्रभावित हो रही हैं। ऐसे समय में मिलेट्स, जो सूखे में भी आसानी से उग जाते हैं, खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
झारखंड मिलेट मिशन योजना के लाभ
मिलेट मिशन योजना के निम्नलिखित लाभ है –
1.उत्पादन लागत में कमी
मिलेट्स की खेती में कम लागत आती है, क्योंकि इन्हें कम पानी और खाद की आवश्यकता होती है। इससे किसानों को उत्पादन लागत में कमी आती है और मुनाफा बढ़ता है।
2.आय में वृद्धि और जीवन स्तर में सुधार
सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता और मिलेट्स के बढ़ते बाजार के कारण किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। इससे उनके जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है।
3.मृदा संरक्षण
मिलेट्स की खेती से मृदा संरक्षण होता है, क्योंकि ये फसलें मिट्टी को स्थिर बनाए रखती हैं और इसे पोषक तत्वों से भरपूर बनाती हैं।
4.जैव विविधता का संरक्षण
मिलेट्स की खेती से जैव विविधता का भी संरक्षण होता है, क्योंकि ये पारंपरिक फसलें होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद हैं।

Important Document
- Aadhar Card (आधार कार्ड)
- Pan Card (पैन कार्ड)
- Identity card (पहचान पत्र)
- Address Proof (कृषि भूमि के दस्तावेज़)
- Farmer registration certificate (किसान पंजीकरण प्रमाण पत्र)
- Jan Aadhar Card agricultural land documents (जन आधार कार्ड)
- Bank Passbook PAN card (बैंक पासबुक)
- Passport size photo (पासपोर्ट साइज़ फोटो)
Jharkhand Millet Mission Yojana के लिए पात्रता
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि क्या आप इस योजना का हिस्सा बन सकते हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है। झारखंड के कई किसानों के लिए इसमें शामिल होना सरल है। मिलेट मिशन में भाग लेने के लिए आपको निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
- आपका स्थायी निवास झारखंड में होना चाहिए।
- आपकी आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- आपके पास 10 डेसीमल से 5 एकड़ तक की खेती योग्य भूमि होनी चाहिए।
- आप इस योजना में तब भी शामिल हो सकते हैं, चाहे आप भूमि के मालिक हों या किसी और के साथ साझा कर रहे हों।
- आपको रागी, ज्वार, या बाजरा जैसे मिलेट्स उगाने के लिए तैयार होना चाहिए।
- आपके बैंक खाते को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए।
Jharkhand Millet Mission Yojana आवेदन प्रक्रिया।
झारखंड मिलेट मिशन योजना के तहत राज्य के इच्छुक और पात्र किसान आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को सरल और डिजिटल रूप से सुलभ बनाया गया है, ताकि किसान घर बैठे ही आवेदन कर सकें। नीचे दी गई प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक पालन करके किसान योजना में अपना आवेदन कर सकते हैं:
आवश्यक सूचना : वेबसाइट पर अब किसानों द्वारा सीधे पंजीकरण की प्रक्रिया को CSC(प्रज्ञा केंद्र) से ई-केवाईसी के बाद होने का प्रावधान कर दिया गया है। CSC के माध्यम से यह प्रक्रिया 20 सितंबर 2024 से शुरू होगी।
ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया:
- कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले आपको कृषि विभाग, झारखंड की आधिकारिक वेबसाइट या झारखंड मिलेट मिशन योजना की वेबसाइट पर जाना होगा। - वेबसाइट का होम पेज खोलें
वेबसाइट के होम पेज पर आपको योजना से संबंधित कई विकल्प दिखेंगे। यहाँ आपको लाभार्थी पंजीकरण (Beneficiary Registration) का विकल्प दिखाई देगा। - लाभार्थी पंजीकरण पर क्लिक करें
इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद, आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा। - आधार कार्ड नंबर दर्ज करें
अब आपके सामने एक पेज खुलेगा, जिसमें आपको अपना आधार कार्ड नंबर दर्ज करना होगा। - खोजें (Search) पर क्लिक करें
आधार कार्ड नंबर दर्ज करने के बाद, आपको खोजें के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपके आधार से जुड़ी सभी जानकारी सिस्टम में दिखाई देगी। - प्रोसीड (Proceed) पर क्लिक करें
जब आपके सामने सभी जानकारी आ जाए, तो आपको प्रोसीड के विकल्प पर क्लिक करना है, ताकि आगे का आवेदन फॉर्म खुल सके। - आवेदन फॉर्म भरें
अब आपके सामने झारखंड मिलेट मिशन योजना का आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इस फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारियों को सही-सही दर्ज करें, जैसे कि:- नाम
- पता
- भूमि विवरण
- बैंक खाता जानकारी आदि।
- दस्तावेज़ अपलोड करें
फॉर्म भरने के बाद आपको सभी आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि रिकॉर्ड आदि) स्कैन कर अपलोड करने होंगे। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि आपका आवेदन सही और पूरी जानकारी के साथ प्रस्तुत किया जाए। - सबमिट करें
सभी जानकारी और दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद, आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना है। - रसीद प्राप्त करें
आवेदन जमा होने के बाद, आपको एक रसीद मिलेगी जिसे आप भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं। यह रसीद आपके आवेदन की पुष्टि के रूप में काम करेगी।
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FAQ
प्रश्न 1: झारखंड मिलेट मिशन योजना क्या है?
उत्तर: झारखंड मिलेट मिशन योजना राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य मिलेट (मोटा अनाज) की खेती को बढ़ावा देना है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, कुपोषण से लड़ना और पर्यावरणीय अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करना है।
प्रश्न 2: मिलेट क्या है और इसके क्या फायदे हैं?
उत्तर: मिलेट एक पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है, जिसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं। यह ग्लूटेन-फ्री होता है और मधुमेह, हृदय रोग और मोटापे जैसी बीमारियों के खिलाफ मददगार होता है। इसके अलावा, इसकी खेती कम पानी में भी हो सकती है, जो इसे शुष्क और वर्षा पर निर्भर क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाती है।
प्रश्न 3: इस योजना के तहत किन किसानों को लाभ मिलेगा?
उत्तर: इस योजना का लाभ झारखंड के छोटे और सीमांत किसान, विशेष रूप से आदिवासी और महिला किसान उठा सकते हैं। सरकार इन किसानों को बीज, खाद, और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है, साथ ही बेहतर बाजार सुविधा उपलब्ध करा रही है।
प्रश्न 4: झारखंड मिलेट मिशन योजना के तहत सरकार किसानों को क्या सहायता प्रदान करती है?
उत्तर: इस योजना के तहत, किसान बिना किसी वित्तीय बाधा के मोटे अनाज की खेती कर सकेंगे और अपनी आय में वृद्धि कर पाएंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के किसानों को इस योजना के अंतर्गत मोटे अनाज की खेती करने पर ₹3000 से ₹15000 तक की आर्थिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
प्रश्न 5: मिलेट की खेती क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: मिलेट की खेती किसानों के लिए आय का एक स्थायी स्रोत बन सकती है, क्योंकि यह कम पानी और संसाधनों में भी उगाई जा सकती है। इसके अलावा, यह मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करती है और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने में कारगर है। मिलेट के पोषण गुण भी इसे कुपोषण से लड़ने के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं।
प्रश्न 6: क्या इस योजना में महिलाएं भी शामिल हो सकती हैं?
उत्तर: हाँ, इस योजना में महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को मिलेट की खेती, प्रोसेसिंग और विपणन में शामिल किया जा रहा है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल सके।